Computer System
Concept (कंप्यूटर की
अवधारणा)
एक
या एक से अधिक उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए कार्यरत इकाइयों के समूह को एक “System” कहते हैं| जैसे – Hospital एक
System है जिसकी इकाइयां (units) Doctor, Nurse,
Medical, Treatment, Operation, Peasant आदि हैं | इसी
प्रकार Computer भी एक System के रूप में कार्य करता है जिसके निम्नलिखित भाग हैं|
- Hardware
- Software
- User

Hardware:-
Computer के
वे भाग जिन्हें हम छु सकते है देख सकते है Hardware कहलाते
हैं| जैसे-Keyboard, Mouse, Printer,
Scanner, Monitor, C.P.U. etc.
Software:-
Computer के
वे भाग जिन्हें हम छु नहीं सकते सिर्फ देख सकते हैं सॉफ्टवेयर (Software) कहलाते हैं| जैसे- MS Word, MS Excel, MS PowerPoint, Photoshop, PageMaker etc.
User:-
वे
व्यक्ति जो Computer
को चलाते है Operate करते है और Result को
प्राप्त करते है,
User कहलाते हैं|
Applications of
Computer (कम्प्यूटर
के अनुप्रयोग)
कम्प्यूटर
आधुनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग बन गया हैं। देश के राष्ट्रपति से लेकर एक
लिपिक या आम आदमी तक कम्प्यूटर के प्रभाव से कोई अछूता नहीं हैं। यदि देश की
सरकार जनगणना के कार्य को कम्प्यूटर के बिना नहीं कर सकती हैं तो भारतीय रेलवे
अपनी आरक्षण-प्रणाली को इसके बिना इतने प्रभावशाली रूप से नहीं चला सकती। विश्वविद्यालय
एवं शिक्षण संस्थान कम्प्यूटर की सहायता से हजारों अंकतालिकाऍ बहुत कम समय में
ही तैयार कर लेते हैं।
कई
संगठन अपने कार्यालयों की प्रणाली का संचालन कम्प्यूटर के द्वारा ही कर रहे हैं।
बैंको में किये जाने वाले लेन-देन को कम्प्यूटर ही आज सुचारू रूप से कह रहा हैं।
आज की प्रभावशाली टेलीफोन व्यवस्था सम्पूर्ण रूप से कम्प्यूटरीकृत हो गई है।
हम घर में बैठकर टी.वी (T.V) के
जो कार्यक्रम देखते हैं, वे
सभी आज कम्प्यूटर द्वारा ही संपादित किये जाते हैं और उन्हें हम तक पहुँचाने
में भी कम्प्यूटर अपनी भूमिका उपग्रह के साथ मिलकर निभाता हैं।
भारतवर्ष
एक विकासशील देश हैं और इसकी एक प्रमुख समस्या बेरोजगारी हैं। इसे दूर करने के
लिए भी कम्प्यूटर ने रोजगार के नये द्वारा खोले हैं। आज भारत दुनिया में
सॉफ्टवेयर (Software)
के निर्यातकों में से
एक हैं, अत: इस क्षेत्र में रोजगार बढ़ा
हैं।
घरों और व्यक्तिगत कार्यों में कम्प्यूटर
का प्रयोग (Computer In Household And Personal Use)
सन्
1970 में जब माइक्रो कम्प्यूटर का
विकास हुआ तो कम्प्यूटर को घर के उपयोग में लाने की केवल कल्पना ही की जा सकती हैं।
आज यह कल्पना साकार होती जा रही हैं। माइक्रो कम्प्यूटर के विभिन्न छोटे आकार
के और सुविधाजनक मॉडल हम अपने व्यक्तिगत कार्यों के लिए घरों में स्थापित कर
सकते हैं। यह एक डेस्क (Disk) पर
या एक ब्रीफकेस में रखा जा सकता हैं। इन्हें निम्नलिखित रूपों में घरों में या
व्यक्तिगत कार्यों में प्रयोग किया जाता हैं|
1. रसोईघर में (In Kitchen) :-
इलेक्ट्रॉनिक
प्रोसेसर और मेमोरी का रसोई सम्बन्धी यन्त्रों, जैसे, माइक्रोवेव ऑवन (Microwave Oven) में
प्रयोग होता हैं।
2. कम्प्यूटरीकृत कार (Computerized Cars)
आधुनिक
कारों में कम्प्यूटर के द्वारा सभी नियन्त्रण जैसे- कार-मालिक की आवाज पहचानकर
दरवाजा खुल जाना,
पेट्रॉल की उचित
मात्रा की चेतावनी,
कार की सतह को इच्छानुसार
परिवर्तित करना, सड़क व शहर का मानचित्र उपलब्ध
कराना आदि संचालित होते हैं।
3. कम्प्यूटरीकृत घर (Computerized Homes)
आजकल
घरों को कम्प्यूटर-नियंत्रित बनाया जा रहा हैं। कंप्यूटर मेहमानों का स्वागत व
उनकी पहचान करते हैं, लॉन
(Lawn) में पानी देने का काम करते हैं, जबकि हम घर से अनुपस्थित हों। ये घर के तापमान को भी स्वत:
नियंत्रित करते हैं।
4. व्यक्तिगज रोबोट नौकर (Personal
Robot Servants)
रोबोट
(Robot) को केवल फैक्ट्रियों मे खतरनाक
कार्यों को करने वाला ही नहीं समझना चाहिए। इसे व्यक्तिगत कार्यो के लिए नौकर भी
बनाया जा सकता हैं। रोबोट कम्प्यूटर द्वारा संचालित एक ‘यान्त्रिक-मानव’ होता
हैं।
5. घर से बैकिंग और खरीदारी (Home Banking And Shopping)
इलेक्ट्रॉनिक
फण्ड ट्रासंफर (Eft
-Electronic Fund Transfer ) प्रणाली
बैंक की एक ऐसी सुविधा हैं जिससे हम बैकों, यातायात
एजेन्सियों और दुकानों से रूपयों का लेन-देन घर में लगे कम्प्यूटर की सहायता से
कर सकते हैं। घर में लगा कम्प्यूटर टेलीफोन लाइन से जुड़ा रहता हैं जिसका सम्पर्क
इण्टानेट (Internet)
से होता हैं।
6. आधुनिक कुटीर उद्योग (Modern Cottage Industries)
आजकल
कम्प्यूटर ने सूचना को विक्रय योग्य एवं उपयोगी वस्तु बना दिया हैं जिससे घर
से चलाये जा सकने वाले व्यवसायों का उदय हुआ हैं। डी.टी.पी. (Dtp-Desk Top Publishing) का ऐसा व्यवसाय हैं जिसमें कम्प्यूटरों
से प्रकाशन के कार्य घर में ही किये जा सकते हैं।डिश एंटिना लगाकर उपग्रह से
संपर्क स्थापित करने वाला केन्द्र हम कम्प्यूटर की मदद से घर में ही बना सकते
हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में कम्प्यूटर का प्रयोग (Computer In
Education)
1940
और 1950 के दशक में कम्प्यूटर को तेजी
से गणना करने के लिए स्थापित किया गया था। कम्प्यूटर का शिक्षा में उपयोग
बढ़ाने के लिए पहला प्रयास जॉन कैमनी (John Kemeny) ने
1960 के दशक में किया जब उन्होंने
बेसिक (Basic) कम्प्यूटर-भाषा का विकास किया।
यह भाषा जल्दी ही डार्ट माउथ महाविद्यालय के विद्यार्थीयों के जीवन का अंग बन गई।
1. कम्प्यूटर सीखना (Learning About Computer)
कम्प्यूटर
आज जनसाधारण का यंत्र हैं। अत: यह अब एक उपकरण मात्र से एक सम्पूर्ण विद्या में
परिवर्तित हो गया हैं। हर व्यक्ति कम्प्यूटर जानने को आतुर हैं। फलस्वरूप विश्वविद्यालयों
ने नये-नये ट्रेड्स और पाठ्यक्रमों को निकाल रहे हैं। कम्प्यूटर विज्ञान, सूचना देने हेतु संस्थानों की संख्या दिन ब दिन बढ़
रही हैं।
2. कम्प्यूटर एक शिक्षक के रूप में (Computer As A Teacher)
कम्प्यूटर
असिस्टेड इंस्ट्रक्शन (Computer Assisted Instruction) कम्प्यूटर का एक सॉफ्टवेयर हैं जो कम्प्यूटर को एक
शिक्षक का रूप दे देता है उदाहरण के लिए माध्यमिक स्तर का विधार्थी कम्प्यूटर
में चल रहे सी.ए.आई (Cai) में
बीजगणित का अध्ययन करे तो सी.ए.आई. (Cai) विद्यार्थी
कम्प्यूटर की स्क्रीन पर बीजगणित का एक सवाल हल करने के लिए देगा, विद्यार्थी उसे यदि सही हल करता हैं तो सी.ए.आई. (Cai) अगला सवाल हल करने के लिए सवाल का हल गलत हैं तो यह
सॉफ्टवेयर स्क्रीन पर एक सवाल का सही हल दिखाएगा और साथ ही पुन: हल करने के लिए
वैसा ही नया सवाल विद्यार्थी को दिया जायेगा। बाद में प्रश्नावली के पूर्ण होने
पर कम्प्यूटर विद्यार्थी को प्रगतिपत्र छापकर उसके प्राप्तांक भी दे सकता हैं।
कम्प्यूटर
प्रबंधित इंस्ट्रक्शन (Computer Managed Instruction ) जिसे संक्षेप में सी.एम.आई. (Cmi) कहा जाता हैं, एक
और सॉफ्टवेयर हैं जो कम्प्यूटर पर पुस्तकें पढ़ने की सुविधा देता हैं। इसके साथ
ही विद्यर्थी इसकी सहायता से अपने लेख परस्पर जुड़े कम्प्यूटरों में भेज सकते
हैं। इस प्रकार विषय-वस्तु एक कम्प्यूटरों में भेज सकते हैं। इसलिए कम्प्यूटर
प्रबंधित इंस्ट्राक्शन को बड़े स्तर पर इलेक्ट्रॉनिक विश्वविद्यालय (Electronic University) भी कहते हैं।
कम्प्यूटर
में वीडियो सी.डी. (Video Cd) के
उपयोग से हम किसी भी विषय के बिन्दुओं का फिल्म के रूप में अध्ययन कर सकते हैं।
3. समस्या-समाधान (Problem Solving)
अध्ययन
में कठिन समस्याओं को कम्प्यूटर सरल कर देता हैं कम्प्यूटर एक समस्या के हल
अनेक व्यक्तियों के तर्कों का उपयोग तेजी से कर लेता हैं जिससे समस्या शीघ्र हल
हो जाती हैं
4. प्रशिक्षण तथा परीक्षा में कम्प्यूटर
(Computer In Training And Examination)
आज
प्रतिष्ठित संगठनों द्वारा कई ऑनलाइन पाठ्यक्रम चालाए जा रहे हैं। आप माइक्रोसॉफ्ट
कॉरपोरेशन, सन कॉरपोरेशन द्वारा उनके उत्पादों
पर प्रशिक्षित किये जा सकते हैं। आप ऑनलाइन उनके साथ लिये जाने वाले परीक्षाओं में
बैठ सकते हैं और उसमें सफल होने पर उनसे डिग्री भी प्राप्त कर सकते हैं। मैग्नेटिक
इंक रिकॉगनिशन एक ऐसी प्रोद्योगिक हैं जो परीक्षा पास कर बैकिंग तथा अन्य वस्तुनिष्ठ
परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं को अद्भुत गति और शु्द्धता के साथ जॉचने में सहायक
होती हैं।
मनोरंजन के क्षेत्र में कम्प्यूटर का
प्रयोग (Computers In Entertainment)
कम्प्यूटर
आज सबसे अधिक मनोंरजन करने वाले यंत्रो में एक हैं। यदि शिक्षित वर्ग में मतगणना
करवाया जाए, तो मैं समझता हूँ कि लोगों का
बहुमत वोट कम्प्यूटरों को मरोरजंन के मुख्य के रूप में जाएगा। प्रत्यक्ष या
अप्रत्यक्ष कम्प्यूटर आज का एक बड़ा मनोरंजनकर्ता है। मैं तब बिल्कुल चकित रह
गया जब मैनें कुछ महीने पहले (Youtube.Com) को
लॉग किया। वहॉं मुझे वो तमाम गाने और वीडियों सुनने को मिले जो मैनें चाहा था और
मै यकीन के साथ कह सकता हूँ कि इतना बड़ा म्यूजिकल स्टोर संसार के किसी भी कोने
में नहीं होगा। इस खण्ड में मनोंरंजन के अन्य मुख्य क्षेत्रों का वर्णन किया जा
रहा है जहॉं कम्प्यूटर बिल्कुल जरूरी बन गया हैं।
1. खेल (Games)
कम्प्यूटर
में हम मनोरंजन और बौद्धिक क्षमता बढ़ाने वाले खेलों का आनंद ले सकते हैं।
2. चलचित्र (Movies)
फिल्म-उघोग में कम्प्यूटर से चलचित्रों में अनेक फोटोग्राफिक
प्रभाव, संगीत प्रभाव, एक्शन प्रभाव आदि को उत्पन्न किया जाता हैं। कम्प्यूटर
में मल्टीमीडिया (Multimedia)
तकनीक की सुविधा से
काल्पनिक दृश्य भी जीवं-से लगते हैं। आपको याद होगा, पिछले दशक में एक फिल्म ‘जुरासिक
पार्क (Jurassik
Park)’ आयी थी, जिसमें एक विलुप्त प्रजाति के जीव डायनासोर का फिल्मांकन
कम्प्यूटर और मल्टीमीडिया के कुछ सॉफ्टवेयर, जैसे-
3d स्टूडियो मैक्स (3d Studio Max) आदि की मदद से किया गया था।
3. संगीत (Music)
संगीतकार
(Musicians) एक कम्प्यूटर जिसे इलेक्ट्रॉनिक
सिंथेसाइजर (Electronic
Synthsizer) कहते हैं, को काम में लेते हैं। यह आवाज रिकॉर्ड करता हैं तथा
पुरानी धुनों को मेमोरी (Memory) में भी देता हैं। कम्प्यूटर की सहायता से विभिन्न
वाह्ययंत्रों की धुनें कृत्रिम रूप से तैयार की जा सकती हैं।
4. कला (Art)
कम्प्यूटर
के द्वारा हम आकृतियों को विभिन्न रूप, आकार
तथा रंग आदि दे सकते हैं।चित्रकला जैसे कार्य करने वाले अनेक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम
कम्प्यूटर में उपलब्ध होते हैं। फोटोशॉप (Photoshop) इसी प्रकार का एक साफ्टवेयर हैं।
वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में कम्प्यूटर
का प्रयोग (Computer In Scientific Research)
कम्प्यूटर
का मौसम की भविष्यवाणी (Weather Forecasting) में
प्रमुख उपयोग हैं। मौसम का अनुपात लगाने के लिए, वर्तमान
मौसम के डेटा (Data)
कम्प्यूटर में
इनपुट (Input) किये जाते हैं, जिनकी भूतकाल के मौसम की स्थितियों से कम्प्यूटर तुलना
करता हैं। मौसम की भविष्यवाणी की प्रक्रिया चौबीसों घंटे चलती हैं। इसमें डेटा की
संख्या अधिक होती हैं, इसलिए
इस कार्य के लिए सुपर कम्प्यूटर का राष्ट्रीय स्तर पर उपयोग किया जाता हैं।
अन्तरिक्ष-यात्रियों
को अन्तरिक्ष–यानों में सवार कराके हम कम्प्यूटर
की सहायता से उन्हें अन्तरिक्ष-यात्रा करवाते हैं। इस कार्य में जटिल खगोलीय
गणनाऍ होती होती हैं और खगोलीय पिण्डों की दूरियों का आकलन आदि कम्प्यूटर ही
शुद्धता (Accuracy)
से कर सकता हैं।
सिमूलेशन (Simulation) एक ऐसी तकनीक हैं
जिसमें कम्प्यूटर किसी वास्तविक वस्तु का गणितीय मॉडल बना देता हैं और उसका
परीक्षण किया जाता हैं। इस प्रकार भवनों, कारों, वायुयानों, प्रक्षेपात्रों, अन्तरिक्षयानों के माडॅल सिमूलेशन (Simulation) तकनीक से बनाकर
उनका परीक्षण किया जाता हैं। सिमूलेशन (Simulation) की यह क्रिया कम्प्यूटर एडेड
डिजाइननिंग (Computer Aided Designing) भी कहलाती हैं।
चिकित्सीय जॉंच में कम्प्यूटर (Computers In
Medium Treatment)
कम्प्यूटर
हमें स्वण्स्थ और दीर्घायु बनाने के लिए अथक प्रयासरत हैं। कम्प्यूटर के चिकित्सा
के क्षेत्र में क्या योगदान हैं इस खण्ड में चर्चा की गई हैं।
1. कम्प्यूटर असिस्टेड डाइग्नोसिस
(Computer Assistant)
यह
एक ऐसी सुविधा हैं जिसमें हार्डवेयर अथवा सॉफ्टवेयर, चिकित्सकों
को रोगियों के परीक्षण में सहायता करते हैं। रोगी के लक्षणों को कम्प्यूटर में
इनपुट (Input) किया जाता हैं तथा सॉफ्टवेयर इस
रोगी के लक्षणों की तुलना अब तक को पिछले रोगियों के कम्प्यूटर में संग्रहीत
लक्षणों व रोगों से करते हैं और रोग का पता लगाते हैं।
2. कम्प्यूटेड टोमोग्राफी
यह
एक ऐसी सुविधा हैं जिसमें कैट स्कैलिंग (Cat Scanning) की
जाती हैं। इसमें X-किरण, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर मिलकर रोगी के आन्तरिक अंगो का
त्रिविमीय (Three
Dimensional) चित्र प्रस्तुत करते
हैं। चिकित्सक इस चित्र से रोगी के रोग को अधिक शुद्धता से जॉच सकते हैं।
3. कम्प्यूटराइज्ड लाइफ सपोर्ट
प्रणाली (Computerized Life-Support System)
यह
नर्सिग (Nursing)
सहायता हैं, जिससे गम्मीर अवस्था के रोगी का लगातार प्रेक्षण किया
जाता हैं और रोगी की ह्रदयगति, तापमान
और रक्तचाप में प्राणघातक बदलाव को अलार्म (Alarm) से सूचित किया जाता हैं। यह प्रणाली कम्प्यूटर द्वारा ही संचालित
होती हैं।
आजकल
कम्प्यूटरों का उपयोग विकलांगो के लिये भी बढ़ रहा हैं। ऐसे पोर्टेबल कम्प्यूटर
(Portable
Computers) तैयार किये गये हैं
जो मानव की आवाज से निर्देश प्राप्त करते हैं। यहॉं तक की नेत्रहीनों के लिए भी
कम्प्यूटर तैयार कर लिये गये हैं।
कम्प्यूटर का सूचना प्रौद्योगिकी के
क्षेत्र में प्रयोग (Computer In Information Technology)
कम्प्यूटर
के क्षेत्र के विस्तार होने से एक नई प्रौद्योगिकी का जन्म हुआ है जिसे ‘सूचना प्रौद्योगिकी’ (Technology) कहत हैं। कम्प्यूटर सूचना प्रौद्योगिकी में किस तरह
उपयोगी हैं इस खण्ड में संक्षेप में बताया जा रहा हैं।
1. इण्टरनेट (Internet)
इण्टरनेट
(Internet) कम्प्यूटर का अंतर्राष्ट्रीय
संजाल (Network)है। दुनिया-भर के कम्प्यूटर
नेटवर्क इण्टरनेट से जुड़े होते हैं और हम कहीं से भी, बैठे अपने कम्प्यूटर से वांछित जानकारी सभी विषयों पर
विविध सामग्री इण्टरनेट पर उपलब्ध हैं।
अपना
मनपंसद विषय चुनने के लिए सर्च इंजिन (Engine) सॉफ्टवेयर
इण्टरनेट पर होते हैं। याहू (Yahoo), खोज(Khoj), आदि कुछ सर्च इंजिनों के उदाहरण हैं। यह सर्च इंजिन
वेबसाइट (Website)
का पता लगाते हैं।
वेबसाइट पर लोगों या प्रतिष्ठानों के इण्टरनेट पर पते होते हैं। लगभग सभी
वेबसाइट की शुरूआत अंग्रेजी के तीन अक्षरों ‘Www’ से
होती हैं, जिसका आशय- ‘वर्ल्ड वाइड वेब’ (World Wide Web Www) होता हैं।
2. ई-व्यापार (E-Business)
कम्प्यूटर
में क्रिया इलेक्ट्रॉनिक विधि से होते हैं, अत:
आधुनिक व्यवसाय जो कम्प्यूटर और इण्टरनेट के सहयोग से किया जाता हैं ‘ई-बिजनेस’ (E-Business) या
‘इलेक्ट्रॉनिक-बिजनेस’ (Electronic Business) कहलाता हैं। यह व्यवसाय एक विषय ‘ई-कॉमर्स’ (E-Commerce) के
अन्तर्गत आता हैं।
Features /
Characteristics of Computer (कंप्यूटर की विशेषताये)
Speed (गति)
आप
पैदल चल कर कही भी जा सकते है फिर भी साईकिल, स्कूटर
या कार का इस्तेमाल करते है ताकि आप किसी भी कार्य को तेजी से कर सके Machine की सहायता से आप कार्य की Speed बड़ा सकते है इसी प्रकार Computer किसी भी कार्य को बहुत तेजी से कर सकता है Computer कुछ ही Second में गुणा, भाग, जोड़, घटाना
जैसी लाखो क्रियाएँ कर सकता है यदि आपको 500*44 का
मान ज्ञात करना है तो आप 1 या
2 Minute लेगे यही कार्य Calculation से करे तो वह लगभग 1 या 2 Second का
समय लगेगा पर कंप्यूटर एसी लाखों गणनाओ को कुछ ही सेकंड में कलर सकता हैं|
Automation (स्वचालन)
हम
अपने दैनिक जीवन में कई प्रकार की स्वचलित मशीनों का Use करते है Computer भी
अपना पूरा कार्य स्वचलित (Automatic) तरीके
से करता है कंप्यूटर अपना कार्य, प्रोग्राम
के एक बार लोड हो जाने पर स्वत: करता रहता हैं|
Accuracy (शुद्धता)
Computer अपना
सारा कार्य बिना किसी गलती के करता है यदि आपको 10 अलग-अलग
संख्याओ का गुणा करने के लिए कहा जाए तो आप इसमें कई बार गलती करेगे | लेकिन साधारणत: Computer किसी
भी Process को बिना किसी गलती के पूर्ण कर
सकता है Computer
द्वारा गलती किये
जाने का सबसे बड़ा कारण गलत Data Input करना
होता है क्योकि Computer
स्वयं कभी कोई गलती
नहीं करता हैं|
Versatility (सार्वभौमिकता)
Computer अपनी
सार्वभौमिकता के कारण बढ़ी तेजी से सारी दुनिया में अपना प्रभुत्व जमा रहा है Computer गणितीय कार्यों को करने के साथ
साथ व्यावसायिक कार्यों के लिए भी प्रयोग में लाया जाने लगा है| Computer का प्रयोग हर क्षेत्र में होने
लगा है| जैसे- Bank, Railway, Airport,
Business, School etc.
High Storage Capacity (उच्च संग्रहण
क्षमता)
एक
Computer System में Data Store करने की क्षमता बहुत अधिक होती है
Computer लाखो शब्दों को बहुत कम जगह में Store करके रख सकता है यह सभी प्रकार के Data, Picture, Files,
Program, Games and Sound को
कई बर्षो तक Store
करके रख सकता है तथा
बाद में हम कभी भी किसी भी सूचना को कुछ ही Second में
प्राप्त कर सकते है तथा अपने Use में
ला सकते है|
Diligence (कर्मठता)
आज
मानव किसी कार्य को निरंतर कुछ ही घंटो तक करने में थक जाता है इसके ठीक विपरीत Computer किसी कार्य को निरंतर कई घंटो, दिनों, महीनो
तक करने की क्षमता रखता है इसके बावजूद उसके कार्य करने की क्षमता में न तो कोई
कमी आती है और न ही कार्य के परिणाम की शुद्धता घटती हैं| Computer किसी भी दिए गए कार्य को बिना
किसी भेदभाव के करता है चाहे वह कार्य रुचिकर हो या न हो |
Reliability (विश्वसनीयता)
Computer की
Memory अधिक शक्तिशाली होती है Computer से जुडी हुई संपूर्ण प्रक्रिया
विश्वसनीय होती है यह वर्षों तक कार्य करते हुए थकता नहीं है तथा Store Memory वर्षों बाद भी Accurate रहती हैं|
Power of Remembrance (याद रखने की
क्षमता)
व्यक्ति
अपने जीवन में बहुत सारी बाते करता है लेकिन महत्वपूर्ण बातों को ही याद रखता है
लेकिन Computer सभी बाते चाहे वह महत्वपूर्ण हो
या ना हो सभी को Memory
के अंदर Store करके रखता है तथा बाद में किसी भी सूचना की आवश्यकता
पड़ने पर उपलब्ध कराता हैं|
Limitations of Computer
(कंप्यूटर की सीमाये)
Computer एक
Machine है| इसका कार्य User द्वारा
दिये गए निर्देशों का पालन करना है Computer किसी
भी स्थिति में न तो निर्देशों से अधिक और न ही इससे कम कार्य करता है Computer एक बिलकुल मुर्ख नौकर की तरह
कार्य करता है इसे यदि आप कहे की जाओ और बाजार से सब्जी खरीद लो ऐसा निर्देश देने
पर वह बाजार जायेगा और सब्जी भी ख़रीदेगा परन्तु सब्जी लेकर घर तक कभी नहीं लौटेगा | यहाँ प्रश्न उठता है- क्यों? इसका सीधा उत्तर है कि उससे आपने सब्जी खरीदने को
अवश्य कहा पर उसे घर लाने को नहीं कहा | इसका
अर्थ यह है कि Computer
के अंदर सामान्य
बोध नहीं होता हैं|
Unable in Self Protection:-
Computer चाहे
कितना शक्तिशाली क्यों न हो परन्तु उसका नियंत्रण मानव के पास ही होता है Computer किसी भी प्रकार से आत्मरक्षा
नहीं कर सकता है उदाहरण के लिए श्याम नामक किसी व्यक्ति ने एक ई-मेल अकाउंट बनाया
तथा एक विशेष पासवर्ड उसने Account खोलने
के लिए चुना |
Computer यह नहीं देखता कि
उस Account को खोलने वाला श्याम ही है या
नहीं बल्कि वह देखता है कि Password क्या
हैं|
Lack of Decision Making:-
Computer में निर्णय
लेने की क्षमता नहीं होती है क्योकि Computer एक बुद्धिमान मशीन नहीं है यह सही या गलत कि
पहचान नहीं कर पाती है|







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